क्या स्कूल सिर्फ पढ़ाई के लिए होते हैं या यहां से बनती है स्वस्थ पीढ़ी की नींव?

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रिपोर्ट: संदीप मिश्रा, रायबरेली, उत्तर प्रदेश, कड़क टाइम्स

रायबरेली। जब किसी सरकारी स्कूल में पढ़ाई के साथ-साथ सेहत को भी उतनी ही गंभीरता से लिया जाए, तो वह दिन अपने-आप खास बन जाता है। कुछ ऐसा ही नज़ारा शुक्रवार को पीएम श्री राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, रायबरेली में देखने को मिला, जहां समग्र शिक्षा माध्यमिक के तत्वाधान में एक व्यापक Health Checkup Camp का आयोजन किया गया। इस शिविर का उद्देश्य केवल बीमारियों की पहचान तक सीमित नहीं था, बल्कि छात्राओं को healthy lifestyle, personal hygiene और self-care के प्रति जागरूक करना भी रहा, ताकि वे भविष्य में खुद के स्वास्थ्य को लेकर सजग निर्णय ले सकें।

सुबह से ही विद्यालय परिसर में अलग ही ऊर्जा महसूस की जा रही थी। सफेद कोट में डॉक्टरों की टीम, कतार में खड़ी छात्राएं और अभिभावकों की उत्सुक निगाहें—सब कुछ यह बताने के लिए काफी था कि यह कार्यक्रम routine नहीं बल्कि meaningful है। जिला चिकित्सालय रायबरेली से आई विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने छात्राओं का सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण किया, जिसमें blood pressure, weight, eyes, teeth और general physical checkup शामिल रहा। लगभग 250 छात्राओं का परीक्षण किया गया, वहीं करीब 20 अभिभावकों ने भी इस शिविर का लाभ उठाया, जिससे यह आयोजन community health outreach का रूप लेता दिखा।

इस कार्यक्रम की सबसे अहम कड़ी रही किशोर वर्ग की बालिकाओं के लिए आयोजित विशेष awareness session। इस दौरान menstrual hygiene, nutrition, anemia prevention और मानसिक स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील लेकिन बेहद ज़रूरी विषयों पर खुलकर चर्चा की गई। डॉक्टरों ने सरल भाषा में समझाया कि सही जानकारी और स्वच्छता कैसे गंभीर बीमारियों से बचाव कर सकती है। कई छात्राओं ने बेझिझक सवाल पूछे, जिनका जवाब डॉक्टरों ने धैर्य और संवेदनशीलता के साथ दिया, जिससे माहौल और भी भरोसेमंद बन गया।

शिविर में जिला चिकित्सालय की टीम में फिजीशियन डॉक्टर अशोक कुमार गुप्ता, आई सर्जन डॉक्टर निदा अहमदी, डेंटल सर्जन डॉक्टर बी.बी. स्वरूप, आई एग्जामिन ऑफिसर डॉ. आशीष कुमार तथा मेडिकल ऑफिसर डॉ. प्रियंका यादव शामिल रहीं। टीम ने न सिर्फ जांच की, बल्कि जरूरत पड़ने पर आगे के treatment और lifestyle changes को लेकर practical advice भी दी, ताकि छात्राएं अपनी दिनचर्या में छोटे-छोटे सुधार कर सकें।

विद्यालय की प्रधानाचार्या डॉ. स्मिता मिश्रा और उप प्रधानाचार्या श्रीमती सुमन सिंह एवं श्रीमती सुनीता सिंह ने चिकित्सा टीम का पौधे भेंट कर स्वागत किया। यह gesture केवल औपचारिक नहीं था, बल्कि environment friendly सोच और gratitude culture का प्रतीक भी बना। प्रधानाचार्या डॉ. स्मिता मिश्रा ने कहा कि ऐसे health camps छात्राओं के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। अच्छी शिक्षा तभी सार्थक है, जब विद्यार्थी शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ हों। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में भी ऐसे programs नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे, ताकि छात्राओं को early stage पर ही सही guidance मिल सके।

कार्यक्रम के संचालन में श्रीमती दीपमाला दीक्षित, सिंपी सिंह और ऋचा राय की सक्रिय भूमिका रही। उनकी planning और coordination के कारण शिविर पूरे अनुशासन और smooth flow के साथ संपन्न हुआ। कुल मिलाकर यह आयोजन एक संदेश छोड़ गया—जब स्कूल, स्वास्थ्य विभाग और समाज मिलकर काम करते हैं, तब शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं रहती, बल्कि जीवन को बेहतर बनाने का माध्यम बन जाती है। शायद यही वजह है कि इस शिविर ने न सिर्फ छात्राओं की सेहत जांची, बल्कि उनके आत्मविश्वास और जागरूकता को भी नई मजबूती दी।


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