रिपोर्ट: माया लक्ष्मी मिश्रा, रायबरेली, उत्तर प्रदेश, कड़क टाइम्स
महराजगंज ब्लॉक में मनरेगा मजदूरों के अधिकारों को लेकर कांग्रेस पार्टी द्वारा चलाया जा रहा “मनरेगा बचाओ संग्राम” अब जनआंदोलन का रूप लेने लगा है। इसी कड़ी में आज रायबरेली जनपद के महराजगंज ब्लॉक अंतर्गत जिहवा और अतरेहटा ग्राम में विशाल चौपाल का आयोजन किया गया, जहां बड़ी संख्या में मनरेगा मजदूर, ग्रामीण महिलाएं, युवा और कांग्रेस कार्यकर्ता एकत्र हुए। चौपाल का माहौल पूरी तरह से जनसरोकारों से जुड़ा रहा और मजदूरों की पीड़ा, आक्रोश और उम्मीद साफ तौर पर देखने को मिली।
इस चौपाल की अध्यक्षता कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष सच्चिदानंद त्रिपाठी ने की, जबकि कार्यक्रम में बछरावां विधानसभा प्रभारी मो. इलियास, ब्लॉक/नगर अध्यक्ष अंकुर जायसवाल, महासचिव रामसरन शुक्ल, मंडल अध्यक्ष उमेश गुप्ता, हनुमान जायसवाल, राम उदित चौरसिया, शिवकुमार, राजू सहित कई वरिष्ठ कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। मंच पर बैठे नेताओं ने एक स्वर में कहा कि मनरेगा जैसी गरीबों की जीवनरेखा योजना को कमजोर करने की साजिश किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
चौपाल को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में मनरेगा मजदूरों को न तो समय पर काम मिल पा रहा है और न ही मेहनत की पूरी मजदूरी। कई गांवों में महीनों से भुगतान लंबित है, जिससे गरीब मजदूरों के सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर मनरेगा बजट में कटौती कर रही है, ताकि ग्रामीण गरीबों की आवाज कमजोर पड़े। कांग्रेस पार्टी इस अन्याय के खिलाफ गांव-गांव जाकर आवाज उठाएगी और मजदूरों के हक की लड़ाई को और तेज करेगी।
नेताओं ने कहा कि आदरणीय राहुल गांधी जी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी लगातार मजदूरों, किसानों और वंचित वर्गों के अधिकारों की लड़ाई लड़ रही है। मनरेगा सिर्फ एक योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण भारत के करोड़ों परिवारों की आर्थिक सुरक्षा है। इसे कमजोर करना गरीबों की थाली से रोटी छीनने जैसा है। कांग्रेस नेताओं ने दो टूक कहा कि “मनरेगा बचाओ संग्राम” सिर्फ नारा नहीं, बल्कि एक mass movement है, जो तब तक चलेगा जब तक मजदूरों को उनका पूरा हक और सम्मान नहीं मिल जाता।
चौपाल के दौरान ग्रामीणों और मनरेगा मजदूरों ने खुलकर अपनी समस्याएं रखीं। किसी ने बताया कि महीनों से मजदूरी नहीं मिली, तो किसी ने कहा कि जॉब कार्ड होने के बावजूद काम नहीं दिया जा रहा। महिलाओं ने कहा कि परिवार की आर्थिक हालत इतनी खराब हो गई है कि बच्चों की पढ़ाई और घर का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों की बातों को गंभीरता से सुनते हुए कांग्रेस नेताओं ने भरोसा दिलाया कि इन सभी समस्याओं को block level से लेकर district और state level तक उठाया जाएगा और संबंधित अधिकारियों से जवाबदेही तय कराई जाएगी।
ब्लॉक अध्यक्ष सच्चिदानंद त्रिपाठी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा गरीब, मजदूर और किसान के साथ खड़ी रही है। उन्होंने कहा कि मनरेगा को कमजोर करने का मतलब गांव की अर्थव्यवस्था को कमजोर करना है। बछरावां विधानसभा प्रभारी मो. इलियास ने कहा कि यदि सरकार ने जल्द ही मजदूरों की समस्याओं का समाधान नहीं किया, तो कांग्रेस सड़कों पर उतरकर बड़ा आंदोलन करेगी। ब्लॉक/नगर अध्यक्ष अंकुर जायसवाल ने कहा कि मनरेगा मजदूरों का शोषण अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और पार्टी हर गांव में चौपाल लगाकर लोगों को जागरूक करेगी।
कार्यक्रम के अंत में मजदूरों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर “मनरेगा बचाओ संग्राम” को और तेज करने का संकल्प लिया। लोगों ने हाथ उठाकर यह संदेश दिया कि वे अपने अधिकारों के लिए संगठित रहेंगे और किसी भी दबाव में झुकेंगे नहीं। चौपाल के माध्यम से यह साफ संदेश गया कि महराजगंज ब्लॉक में मनरेगा को लेकर असंतोष बढ़ रहा है और कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे को लेकर पूरी तरह आक्रामक मूड में है।





