रिपोर्ट: आशीष श्रीवास्तव, ब्यूरो चीफ, उत्तर प्रदेश, कड़क टाइम्स
तरबगंज तहसील क्षेत्र के अंतर्गत स्थित बीपैक केंद्र तुलसीपुर मांझा में आज दिनांक 27/12/25 को उस समय हलचल मच गई, जब तहसीलदार तरबगंज द्वारा बिना किसी पूर्व सूचना के औचक निरीक्षण किया गया। अचानक हुई इस कार्रवाई से जहां केंद्र पर कार्यरत कर्मचारियों में अफरा-तफरी का माहौल रहा, वहीं किसानों के बीच भी प्रशासन की सक्रियता को लेकर चर्चा होती रही। इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य खाद वितरण व्यवस्था की वास्तविक स्थिति को जानना, किसानों से सीधे संवाद करना तथा सरकारी योजनाओं की जानकारी जमीनी स्तर तक पहुंचाना रहा।
निरीक्षण के दौरान तहसीलदार ने खाद वितरण केंद्र की पूरी व्यवस्था का गहन अवलोकन किया। खाद की उपलब्धता, वितरण प्रक्रिया और संबंधित अभिलेखों की जांच की गई। इसके साथ ही किसान पंजीकरण से जुड़े दस्तावेजों को भी देखा गया और मौके पर मौजूद किसानों से इस विषय में बातचीत की गई। तहसीलदार ने किसानों को बताया कि किसान पंजीकरण आज के समय में अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि इसके माध्यम से किसानों को विभिन्न सरकारी योजनाओं, अनुदान, फसल बीमा और अन्य सुविधाओं का लाभ सीधे प्राप्त होता है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे समय रहते अपना पंजीकरण पूर्ण कराएं, ताकि किसी भी योजना से वंचित न रहना पड़े।
निरीक्षण के दौरान नैनो उर्वरकों को लेकर भी विस्तार से जानकारी दी गई। तहसीलदार ने किसानों को समझाया कि नैनो उर्वरक आधुनिक कृषि तकनीक का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, जिनके प्रयोग से कम मात्रा में अधिक उत्पादन संभव है। इससे किसानों की लागत कम होती है और मिट्टी की उर्वरता भी बनी रहती है। किसानों को नैनो यूरिया एवं अन्य नैनो उर्वरकों के सही उपयोग, मात्रा और समय के बारे में विस्तार से बताया गया, ताकि वे अपनी फसलों में इसका बेहतर लाभ उठा सकें।
इस अवसर पर किसानों ने अपनी समस्याएं और सुझाव भी खुले तौर पर सामने रखे। कुछ किसानों ने खाद वितरण में होने वाली परेशानियों, पंजीकरण के दौरान आ रही तकनीकी दिक्कतों तथा जानकारी के अभाव की बात कही। तहसीलदार ने किसानों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित कर्मचारियों को आवश्यक निर्देश देते हुए शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया। किसानों ने प्रशासन के इस सीधे संवाद की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे निरीक्षणों से उनकी समस्याएं सीधे अधिकारियों तक पहुंचती हैं।
निरीक्षण के पश्चात सामाजिक सरोकार भी देखने को मिला। कड़ाके की ठंड को देखते हुए क्षेत्र में अलाव की व्यवस्था कराई गई तथा जरूरतमंद लोगों के बीच कंबल का वितरण किया गया। भीषण ठंड में अलाव जलने से जहां राहगीरों और ग्रामीणों को राहत मिली, वहीं कंबल पाकर जरूरतमंदों के चेहरे पर संतोष और खुशी दिखाई दी।





