रायबरेली में 30 नवम्बर को पहुंचेगा पावन भिक्खु महासंघ, होगा भव्य स्वागत और धम्म देशना

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रिपोर्ट: संदीप मिश्रा, रायबरेली, उत्तर प्रदेश कड़क टाइम्स

रायबरेली।
जिले में 30 नवम्बर को एक ऐतिहासिक और सामाजिक रूप से महत्वपूर्ण आयोजन होने जा रहा है। पावन भिक्खु महासंघ की “धम्म चारिका पदयात्रा” इस दिन रायबरेली में प्रवेश करेगी। यह यात्रा सारनाथ से शुरू होकर संकिसा तक पहुंचेगी और बौद्ध धम्म के सिद्धांतों को जन-जन तक पहुँचाने का काम करेगी।


धम्म चारिका का उद्देश्य

सारनाथ से निकली यह यात्रा 20 नवम्बर से 14 दिसम्बर तक चलेगी। यात्रा का नेतृत्व धम्मा लर्निंग सेंटर सारनाथ के अध्यक्ष पूज्य भिक्खु चंद्रिमा महाथेरो कर रहे हैं। इसमें लगभग 150 भिक्खु संघ शामिल हैं।
इस धम्म यात्रा का लक्ष्य है कि समाज में करुणा, समानता, बंधुत्व और संविधानिक मूल्यों को मजबूत किया जाए और लोगों को शिक्षा तथा धम्म के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया जाए।


रायबरेली में तैयारियां

रायबरेली में रैदास आश्रम सामुदायिक केन्द्र / संत शिरोमणि गुरु रविदास मंदिर में धम्म चारिका की तैयारी को लेकर बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता भिक्खु कमल शील ने की और संचालन धम्म उपासक राजेश कुरील ने किया।
बैठक में तय हुआ कि रायबरेली में प्रवेश के दौरान भिक्खु महासंघ का भव्य स्वागत, भोजन दान और धम्म देशना का आयोजन होगा।


प्रमुख उपस्थित लोग

बैठक में भिक्खु श्रेयस्कर, भिक्खु धम्म दर्शन, भंते रत्नाकर सहित कई उपासक और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे। इनमें इंजी. एस.के. आर्या, इंजी. वंश बहादुर यादव, रवि मौर्या, राम किशोर मौर्य, चन्द्र शेखर बौद्ध, दीपक मौर्या, रामेश्वर भारतीय, विमल किशोर सबरा, एड. एस.एन. मानव, डॉ. पवन राव अंबेडकर, रोहित प्रतिपक्षी, श्री कांत दिवाकर, राजू दिवाकर और राजेन्द्र बौद्ध शामिल थे।
इन सभी ने यात्रा को सफल बनाने के लिए अपने सुझाव दिए और तैयारियों को अंतिम रूप दिया।


क्यों खास है यह यात्रा

यह पदयात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह एक सामाजिक आंदोलन भी है।
आज के समय में जब समाज असमानता और भेदभाव जैसी चुनौतियों से गुजर रहा है, तब बौद्ध धम्म के सिद्धांत लोगों को नई दिशा देने का काम करेंगे। इस यात्रा से युवाओं को धम्म से जुड़ने और शिक्षा की ओर बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी।


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