हर शहर के प्रमुख चौराहे का नाम होना चाहिए “दानवीर भामाशाह चौक” : के.के. गुप्ता

Share this news

रिपोर्ट: संदीप मिश्रा, रायबरेली, उत्तर प्रदेश कड़क टाइम्स
खलीलाबाद (संतकबीर नगर), 10 सितम्बर 2025

संतकबीर नगर के खलीलाबाद में आयोजित साहू तैलिक एकता एवं विकास समिति “साहू चौपाल” के भव्य समारोह में समाज के मेधावी बच्चों को सम्मानित किया गया। इस मौके पर समाज के कई बड़े नेताओं ने कहा कि अब समय आ गया है जब हर शहर के प्रमुख चौराहे का नाम हमारे गौरव दानवीर भामाशाह के नाम पर होना चाहिए। रायबरेली के जिलाध्यक्ष के.के. साहू ने कहा – “भामाशाह केवल साहू समाज ही नहीं, बल्कि पूरे भारतवर्ष के गौरव हैं, इसलिए हमारी मांग है कि हर जिले और शहर में ‘भामाशाह चौक’ स्थापित हो।”

शिक्षा और सम्मान: बच्चों की सफलता पर बजी तालियां

समारोह में लगभग 120 मेधावी छात्र-छात्राओं को मुख्य अतिथि राष्ट्रीय अध्यक्ष रामचंद्र साहू के हाथों से शील्ड और सम्मान पत्र देकर सम्मानित किया गया। बच्चों के चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी। मंच से लगातार इस बात पर जोर दिया गया कि शिक्षा ही समाज को मजबूत बनाने का सबसे बड़ा हथियार है।

राष्ट्रीय अध्यक्ष रामचंद्र साहू ने अपने संबोधन में कहा –
“शिक्षा शेरनी का दूध है, जो जितना अधिक पिएगा, उतना ही दहाड़ेगा। हमारे बच्चे अब हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहे हैं, लेकिन आज तक किसी भी सरकार ने साहू समाज को वह सम्मान नहीं दिया, जिसके वे हकदार हैं। अब हमें संगठित होकर अपने हक और अधिकार की लड़ाई खुद लड़नी होगी।”

“साहू चौपाल” – अब नहीं बनेगा किसी राजनीतिक दल का पिछलग्गू

समारोह में रायबरेली के जिलाध्यक्ष के.के. साहू ने जोर देकर कहा कि “साहू चौपाल किसी राजनीतिक दल का पिछलग्गू नहीं है। यह संगठन केवल समाज के हक और अधिकार के लिए संघर्ष करेगा। समय आ गया है कि साहू समाज अपनी ताकत को पहचानकर एकजुट होकर मैदान में उतरे।”

अगले साल टॉप 10 बच्चों को मिलेगी साइकिल

प्रदेश संयोजक अजित साहू ने घोषणा की कि आने वाले साल में अगर प्रदेश स्तर पर साहू समाज के बच्चे टॉप टेन में आते हैं तो उन्हें समिति की ओर से एक-एक साइकिल भेंट की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह बच्चों को पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित करने की दिशा में एक बड़ा कदम होगा।

भामाशाह को उचित सम्मान की मांग

राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हौसिला प्रसाद साहू और राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष दुर्विजय साहू ने अपने उद्बोधन में कहा कि “दानवीर भामाशाह ने इतिहास में अपने त्याग और दान से जो छाप छोड़ी, उसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। इसलिए अब समाज की यह पहली मांग होगी कि हर शहर के प्रमुख चौराहे का नाम भामाशाह चौक रखा जाए। यह सिर्फ साहू समाज का नहीं बल्कि पूरे राष्ट्र का सम्मान होगा।”

मंच से गूंजे प्रभावी विचार

समारोह के दौरान राष्ट्रीय संगठन मंत्री रामेश्वर साहू ने पूरे आत्मविश्वास के साथ कहा –
“अब साहू समाज किसी के पीछे चलने वाला नहीं है, बल्कि खुद नेतृत्व करेगा। हमारे बच्चों ने यह साबित कर दिया है कि अगर उन्हें अवसर मिले तो वे किसी से पीछे नहीं हैं। आज साहू समाज के बेटे-बेटियां डॉक्टर, इंजीनियर, आईएएस, आईपीएस बनकर देश का नाम रोशन कर रहे हैं।”

मंच पर जुटी बड़ी हस्तियां

इस अवसर पर मंच पर प्रमुख रूप से मौजूद रहे –

  • बिहार प्रभारी बद्रीनाथ साहू
  • बस्ती मंडल अध्यक्ष राजेश साहू
  • महामंत्री रंजीत साहू
  • जिलाध्यक्ष नकुल साहू
  • शिवप्रकाश साहू, रामगति साहू, जमुना प्रसाद साहू
  • रामनाथ साहू, रामशहल साहू, गंगाप्रसाद साहू
  • बनारसी लाल साहू, श्रीकांत साहू, सुरेन्द्र कुमार साहू
  • शशु भूषण साहू, चंद्रशेखर साहू, रमाकांत साहू

इसके अलावा सैकड़ों की संख्या में साहू समाज के लोग इस समारोह में शामिल हुए और पूरे आयोजन को सफल बनाया।

अब लड़ाई हक और अधिकार की

इस कार्यक्रम ने यह साफ कर दिया कि साहू समाज अब केवल सम्मान समारोह तक सीमित नहीं रहेगा। संगठन के नेता और पदाधिकारी स्पष्ट कर चुके हैं कि अब लड़ाई समाज के अधिकार और उचित प्रतिनिधित्व की होगी।

राष्ट्रीय अध्यक्ष रामचंद्र साहू ने कहा –
“इतिहास गवाह है कि जब-जब समाज ने संगठित होकर अपनी ताकत दिखाई है, तब-तब सरकारों को भी झुकना पड़ा है। साहू समाज अब हर जिले, हर शहर और हर गांव में अपनी पहचान बनाएगा। हमारा लक्ष्य है कि आने वाले समय में साहू समाज की आवाज विधानसभा और संसद तक मजबूती से पहुंचे।”

निष्कर्ष

खलीलाबाद में हुआ यह प्रतिभा सम्मान समारोह केवल बच्चों के उत्साहवर्धन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने पूरे साहू समाज को नई दिशा देने का काम किया। अब समाज के नेताओं ने यह ठान लिया है कि “हर शहर का प्रमुख चौक ‘दानवीर भामाशाह चौक’ होगा।” यह सिर्फ एक मांग नहीं बल्कि समाज के स्वाभिमान की लड़ाई है।

सैकड़ों की भीड़, मेधावी बच्चों की मुस्कुराहट और मंच से गूंजते नारों ने यह संदेश स्पष्ट कर दिया –
साहू समाज अब जाग चुका है, और अब कोई उसे नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता।


Share this news
  • Related Posts

    क्या एक क्रिकेट मैच से मिट सकती है लाइलाज बीमारी?

    Share this news

    Share this newsरिपोर्ट: संदीप मिश्रा, रायबरेली, उत्तर प्रदेश, कड़क टाइम्स रायबरेली जिले के शिवगढ़ ब्लॉक में रविवार को कुछ अलग नजारा देखने को मिला। यहां क्रिकेट के मैदान में सिर्फ…


    Share this news

    रहस्यमयी सवाल—क्या स्कूल भी सुरक्षित नहीं रहे?

    Share this news

    Share this newsरिपोर्ट: संदीप मिश्रा, रायबरेली, उत्तर प्रदेश, कड़क टाइम्स सरकारी स्कूल, जहां बच्चों को ज्ञान, संस्कार और सुरक्षा का भरोसा दिया जाता है, वहीं अगर डर और जातिगत नफरत…


    Share this news

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *