रिपोर्ट: संदीप मिश्रा, रायबरेली उत्तर प्रदेश कड़क टाइम्स
डेडलाइन: रायबरेली, 29 अगस्त 2025
रायबरेली का गौरव बढ़ाने वाला दिन
रायबरेली के लिए यह दिन बेहद खास रहा, जब भारत विकास परिषद द्वारा आयोजित राष्ट्रीय समूहगान प्रतियोगिता में जिले की छात्राओं ने शानदार प्रदर्शन कर प्रांत स्तर तक अपनी जगह बनाई। इस प्रतियोगिता में जिले के कई विद्यालयों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, लेकिन गोपाल सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज की छात्राओं ने अपनी मधुर आवाज़ और अनुशासित प्रस्तुति से सबका दिल जीत लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ और माहौल
कार्यक्रम का आगाज़ बेहद गरिमामय तरीके से हुआ। पंजाब नेशनल बैंक के चीफ़ मैनेजर संजय कुमार सिंह ने भारत माता और स्वामी विवेकानंद के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया।
मंच पर उपस्थित भारत विकास परिषद रायबरेली के अध्यक्ष अरविंद श्रीवास्तव ने सभी अतिथियों का स्वागत किया और परिषद द्वारा चलाए जा रहे सेवा एवं संस्कार कार्यक्रमों की जानकारी प्रांतीय उपाध्यक्ष नवल किशोर बाजपेई ने दी।
मुख्य अतिथि संजय कुमार सिंह ने परिषद के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि –
“भारत विकास परिषद न केवल शिक्षा और संस्कृति के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है, बल्कि आने वाली पीढ़ी को संस्कार और सेवा का पाठ भी पढ़ा रहा है।”
प्रतियोगिता की विशेषताएँ
यह प्रतियोगिता हिंदी और संस्कृत भाषा में करवाई गई। दोनों ही श्रेणियों में प्रतिभागियों ने देशभक्ति और संस्कृति से जुड़ी रचनाओं को अपने समूहगान के माध्यम से प्रस्तुत किया।
- गोपाल सरस्वती विद्या मंदिर की छात्राओं ने दोनों श्रेणियों में शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया।
- सेंट जेम्स स्कूल के बच्चों ने बेहतरीन प्रयास कर दूसरा स्थान हासिल किया।
- श्री हेमकुंड इंटर कॉलेज के छात्रों ने भी अपने सुर और ताल से सबको प्रभावित किया और तीसरे स्थान पर रहे।
निर्णायक मंडल की भूमिका
प्रतियोगिता का मूल्यांकन बेहद निष्पक्ष तरीके से किया गया। निर्णायक मंडल में सतीश सिंह, अमरदीप और राधेश्याम तिवारी शामिल रहे। इन निर्णायकों ने प्रस्तुति के सुर, ताल, उच्चारण और समूह की एकरूपता को आधार मानकर अंक प्रदान किए।
आयोजन में सहयोग और संचालन
कार्यक्रम का संचालन राजा राम मौर्य ने कुशलता से किया।
- पवन श्रीवास्तव ने कार्यक्रम संयोजक के रूप में प्रतियोगिता को सुचारु रूप से संपन्न कराने में विशेष भूमिका निभाई।
- प्रतियोगिता के नियमों और प्रक्रियाओं की जानकारी सह-संयोजक अंजू बाला मौर्य ने दी।
पूर्व अध्यक्ष उमेश अग्रवाल ने विजेता टीम के शिक्षकों को सम्मानित किया।
समाज के प्रमुख लोगों की उपस्थिति
इस मौके पर परिषद से जुड़े कई वरिष्ठ और प्रतिष्ठित लोग मौजूद रहे, जिनमें प्रमुख थे –
- पूर्व क्षेत्रीय संरक्षक डॉ. आर. बी. श्रीवास्तव
- क्षेत्रीय सेवा संयोजक अम्ब्रीश अग्रवाल
- पूर्व अध्यक्ष राकेश कक्कड़, राकेश मिश्रा
- नीलिमा श्रीवास्तव, देवेंद्र कुमार श्रीवास्तव, सचिव अजय त्रिवेदी
- निशा सिंह, के. के. श्रीवास्तव, डॉ. चम्पा श्रीवास्तव, विजय सिंह, विनोद दुबे, शशिकांत राय, रंजना दुबे, शिव कुमार गुप्ता, संध्या रॉय, दिवाकर द्विवेदी, ऊषा त्रिवेदी, नीरज श्रीवास्तव और शशिबाला मिश्रा
सभी ने मिलकर प्रतियोगिता को सफल बनाने में अहम योगदान दिया।
कार्यक्रम के अंत में कोषाध्यक्ष सुरेश चंद्र शुक्ला ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों और सहयोगियों का आभार प्रकट किया।
रायबरेली की बेटियों की जीत – एक प्रेरणा
गोपाल सरस्वती विद्या मंदिर की छात्राओं ने जब मंच पर अपनी प्रस्तुति दी, तो पूरा हॉल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। उनकी प्रस्तुति ने न सिर्फ निर्णायकों का दिल जीता, बल्कि उपस्थित दर्शकों को भी गर्व महसूस कराया।
लोगों का कहना था कि –
“रायबरेली की बेटियाँ जिस आत्मविश्वास और अनुशासन के साथ गा रही थीं, वह वाकई अद्भुत था।”
शिक्षा और संस्कार का संदेश
भारत विकास परिषद द्वारा आयोजित इस प्रतियोगिता ने एक बार फिर यह साबित किया कि शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं है, बल्कि संस्कार और संस्कृति का संगम ही असली शिक्षा है।
इस प्रतियोगिता के जरिए बच्चों ने सीखा कि –
- टीमवर्क (Team Spirit) से हर मुश्किल आसान हो जाती है।
- अनुशासन (Discipline) किसी भी प्रस्तुति को उत्कृष्ट बनाता है।
- संस्कृति और मातृभाषा से जुड़ाव ही असली पहचान है।
निष्कर्ष
रायबरेली की इन छात्राओं की जीत केवल एक प्रतियोगिता जीतना भर नहीं है, बल्कि यह संदेश है कि संस्कार, सेवा और संस्कृति के साथ शिक्षा ही समाज को मजबूत बनाती है।
भारत विकास परिषद की यह प्रतियोगिता बच्चों को न केवल अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच देती है, बल्कि उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर अपने शहर और जिले का नाम रोशन करने का भी अवसर प्रदान करती है।
रायबरेली की बेटियों की इस जीत ने पूरे जिले को गर्व महसूस कराया है। अब लोग बेसब्री से उस दिन का इंतज़ार कर रहे हैं, जब ये छात्राएँ राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में भी विजय पताका फहराएँगी और रायबरेली का नाम पूरे देश में रोशन करेंगी।





