Report – आशीष श्रीवास्तव, ब्यूरो चीफ उत्तर प्रदेश, Kadak Times
गोंडा, तरबगंज।
मानसून के चलते सरयू नदी के उफान से गोंडा जिले के तरबगंज तहसील क्षेत्र के कई गांव बाढ़ और कटान की समस्या झेल रहे हैं। सोमवार को तहसीलदार आशुतोष पांडेय ने ऐली परसौली व आसपास के कटान प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत कर स्थिति का आकलन किया और प्रशासनिक मदद का आश्वासन दिया।
ग्रामीणों की समस्याओं पर संवाद 
तहसीलदार ने प्रभावित परिवारों से सीधे मुलाकात की। ग्रामीणों ने बताया कि कटान और बाढ़ से उनकी फसलें और घर दोनों प्रभावित हुए हैं। रोजमर्रा की जिंदगी कठिन हो गई है और परिवारों को सुरक्षित ठिकाने की तलाश करनी पड़ रही है।
तत्काल सर्वे का निर्देश
निरीक्षण के दौरान तहसीलदार ने राजस्व टीम को निर्देश दिया कि प्रभावित परिवारों का तत्काल सर्वे कर रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए, ताकि समय से राहत सामग्री और सरकारी सहायता पहुंचाई जा सके। उन्होंने कहा कि प्रशासन का लक्ष्य है कि किसी भी परिवार को भूखा या असहाय न रहना पड़े।
राहत और निगरानी पर जोर
तहसीलदार ने अधिकारियों को बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने और जरूरतमंदों तक तत्काल सहायता पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवारों को खाद्यान्न, दवा और सुरक्षित ठिकाना उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है।
ग्रामीणों में उम्मीद
निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों ने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों का मौके पर पहुंचना और हालात का जायजा लेना उन्हें भरोसा दिलाता है। लोगों का मानना है कि अगर राहत कार्य समय पर और प्रभावी ढंग से हुआ तो उनकी परेशानियां काफी हद तक कम हो सकती हैं।
स्थायी समाधान की मांग
हर वर्ष तरबगंज क्षेत्र में बाढ़ और कटान की समस्या सामने आती है। ग्रामीणों का कहना है कि अस्थायी राहत के बजाय स्थायी समाधान की जरूरत है। विशेषज्ञ भी मानते हैं कि बांध और तटबंधों के निर्माण से ही कटान की समस्या पर नियंत्रण पाया जा सकता है।
प्रशासन की चुनौती
गोंडा जिले में हर बरसात में हजारों लोग प्रभावित होते हैं। ऐसे में प्रशासन के सामने सिर्फ राहत पहुंचाना ही नहीं बल्कि दीर्घकालिक समाधान निकालना भी बड़ी चुनौती है।
निष्कर्ष
तहसीलदार आशुतोष पांडेय का निरीक्षण यह दर्शाता है कि प्रशासन हालात को गंभीरता से ले रहा है। पीड़ितों को राहत और सहायता पहुंचाने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। हालांकि, स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि आने वाले समय में बाढ़ और कटान से स्थायी राहत दिलाने के लिए ठोस उपाय किए जाएंगे।





