Report: Sandeep Mishra, Raebareli Uttar Pradesh, Kadak Times
रायबरेली।
79वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर रायबरेली की समाजसेवी पूनम सिंह ने शहर में आयोजित दो महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में शिरकत कर देशभक्ति और सेवा का अद्वितीय संदेश दिया। एक ओर उन्होंने शहीदों के परिवार को सम्मानित कर लोगों के दिलों को छुआ, तो दूसरी ओर बच्चों को शिक्षा, अनुशासन और नैतिक मूल्यों पर जोर देकर भविष्य की दिशा दिखाई।
शहीद स्मृति द्वार पर भावुक क्षण
सुबह रायबरेली के मालिकमऊ स्थित अमर शहीद शैलेंद्र प्रताप सिंह स्मृति द्वार पर स्वतंत्रता दिवस का आयोजन हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगान से हुई, जिसके बाद पूनम सिंह ने शहीद गेट पर तिरंगा फहराया।
इस दौरान पूरा वातावरण ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम’ के नारों से गूंज उठा। पूनम सिंह ने शहीद शैलेंद्र प्रताप सिंह की माता एवं पत्नी को मंच पर बुलाकर पुष्पगुच्छ और स्मृति चिन्ह भेंट किया। यह पल इतना भावुक था कि उपस्थित लोगों ने खड़े होकर तालियां बजाईं।
उन्होंने कहा –
“शहीदों का बलिदान हमारी आज़ादी की नींव है। उनका सम्मान करना सिर्फ कर्तव्य नहीं बल्कि आत्मा का धर्म है।”
उन्होंने यह भी वचन दिया कि वे हर परिस्थिति में शहीद परिवार के साथ खड़ी रहेंगी। इस मौके पर कार्यक्रम संयोजक अरविंद केवट को भी विशेष योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
जे.डी पब्लिक स्कूल में देशभक्ति और सांस्कृतिक कार्यक्रम
इसके बाद पूनम सिंह रायबरेली शहर के सम्राट नगर स्थित जे.डी पब्लिक स्कूल पहुँची। यहां स्वतंत्रता दिवस और जन्माष्टमी दोनों अवसरों पर एक विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम हुआ।
स्कूल पहुँचने पर प्रधानाचार्य ने मुकुट पहनाकर और पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया। बच्चों ने रंगारंग प्रस्तुतियां दीं – देशभक्ति गीत, समूह नृत्य और जन्माष्टमी की झांकियां देखकर सभी लोग प्रभावित हुए।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूनम सिंह ने कहा –
“आजादी सिर्फ एक दिन का उत्सव नहीं है, यह हमें याद दिलाती है कि हमें मिलकर देश के लिए काम करना है। बच्चों को शिक्षा, अनुशासन और नैतिक मूल्यों पर ध्यान देकर आदर्श नागरिक बनना होगा।”
उन्होंने सभी प्रतिभागी बच्चों को पुरस्कार देकर उनका उत्साह बढ़ाया और आयोजन को सफल बनाने के लिए प्रधानाचार्य प्रियंका और शिक्षिका शालिनी सिंह का धन्यवाद किया।
स्वतंत्रता दिवस का असली संदेश
पूनम सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि स्वतंत्रता दिवस हमें उन वीर शहीदों की गाथा याद दिलाता है, जिन्होंने हंसते-हंसते अपने प्राणों की आहुति दी। उन्होंने कहा –
“आजादी सिर्फ अधिकार नहीं है, बल्कि जिम्मेदारी है। आइए मिलकर एक मजबूत, एकजुट और आत्मनिर्भर भारत का निर्माण करें।”
लोगों पर पड़ा गहरा असर
रायबरेली में हुए इन आयोजनों ने जहां शहीदों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता की भावना को जगाया, वहीं बच्चों और युवाओं को भी प्रेरित किया। अभिभावकों और स्थानीय नागरिकों ने कहा कि जब समाजसेवी शहीद परिवारों को सम्मानित करते हैं और बच्चों को सही दिशा दिखाते हैं, तो यह समाज में सकारात्मक बदलाव लाता है।
सामाजिक संदेश और नई ऊंचाई
दोनों कार्यक्रमों में पूनम सिंह ने स्पष्ट किया कि आजादी का असली मतलब सिर्फ उत्सव नहीं है, बल्कि इसे जीवन के हर दिन जीना है। चाहे वह शहीद परिवार की मदद हो, बच्चों की शिक्षा हो या समाज में सकारात्मक सोच जगाना – यही असली देशभक्ति है।
उनकी उपस्थिति और प्रेरक विचारों ने आयोजनों को यादगार बना दिया। रायबरेलीवासियों के लिए यह स्वतंत्रता दिवस लंबे समय तक स्मरणीय रहेगा।





