Report – Sandeep Mishra, Raebareli, Uttar Pradesh, Kadak Times
रायबरेली – राष्ट्रीय गौ रक्षक सेना भारत ने प्रदेश में गौवंश की सुरक्षा और गौशालाओं की खराब स्थिति को लेकर व्यापक अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष शैलेंद्र पहलवान के निर्देश पर प्रदेश भर में कार्यकर्ताओं को सक्रिय किया जा रहा है और हर जिले में बैठक कर रणनीति बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रदेश अध्यक्ष कुंवर मयंक सिंह के नेतृत्व में चल रहे इस अभियान का मुख्य उद्देश्य गौमाता की सेवा और संरक्षण है। उन्होंने कहा कि गौमाता के साथ किसी भी तरह का अत्याचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और गौशालाओं में हो रही लापरवाही पर सख्त कदम उठाए जाएंगे।
गौशालाओं की स्थिति पर चिंता
कुंवर मयंक सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपील की है कि गौशालाओं की मौजूदा स्थिति में सुधार किया जाए। उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर गौशालाओं में गायों को पर्याप्त चारा, पानी और उपचार नहीं मिल रहा है, जो चिंता का विषय है।
उनका कहना है कि गौमाता हमारी आस्था का प्रतीक हैं और उनकी सेवा करना समाज का कर्तव्य है। अगर गौशालाओं की दशा में सुधार नहीं हुआ तो संगठन धरातल पर संघर्ष करने से पीछे नहीं हटेगा।
रायबरेली में हुई बैठक
रायबरेली में आयोजित बैठक में जिला वरिष्ठ प्रभारी संदीप पाठक, जिला अध्यक्ष विजय कुमार और जिला महामंत्री रितेश सिंह सहित कई पदाधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि जिले की सभी गौशालाओं का निरीक्षण कर वहां की वास्तविक स्थिति की रिपोर्ट तैयार की जाएगी और इसे उच्च स्तर पर पहुंचाया जाएगा।
संगठन की योजना
राष्ट्रीय गौ रक्षक सेना भारत ने गौवंश संरक्षण के लिए तीन स्तरीय योजना बनाई है –
- निरीक्षण दल – प्रत्येक जिले में टीमें बनाकर गौशालाओं का निरीक्षण किया जाएगा।
- रिपोर्ट तैयार करना – अव्यवस्था या लापरवाही मिलने पर फोटो, वीडियो और लिखित रिपोर्ट बनाई जाएगी।
- जागरूकता अभियान – गांव-गांव जाकर लोगों को गौवंश संरक्षण के महत्व के बारे में बताया जाएगा।
पदाधिकारियों के बयान
शैलेंद्र पहलवान, राष्ट्रीय अध्यक्ष – “हमारा लक्ष्य धरातल पर बदलाव लाना है। गौमाता के लिए संघर्ष करने में पीछे नहीं हटेंगे।”
कुंवर मयंक सिंह, प्रदेश अध्यक्ष – “गौशालाओं की मौजूदा स्थिति अस्वीकार्य है। हम इसे सुधारने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे।”
संदीप पाठक, जिला वरिष्ठ प्रभारी रायबरेली – “हर ब्लॉक में टीमें जाकर स्थिति का आकलन करेंगी और जरूरत पड़ने पर आंदोलन भी होगा।”
सोशल मीडिया और जनजागरूकता
संगठन ने सोशल मीडिया पर अभियान शुरू किया है और लोगों से अपील की है कि अगर वे किसी गौशाला में लापरवाही देखें तो संगठन को सूचना दें। साथ ही, गांव-गांव जाकर पशु स्वास्थ्य जांच और चारा उपलब्ध कराने की योजना भी बनाई गई है।
जनता की राय
रामलाल यादव, किसान – “अगर संगठन ईमानदारी से काम करे तो गायों को बहुत लाभ होगा।”
शिवानी तिवारी, सामाजिक कार्यकर्ता – “गौशालाओं की स्थिति सुधारना सिर्फ सरकार का नहीं, समाज का भी कर्तव्य है।”
आगे का कदम
अगले एक महीने में प्रदेश की प्रमुख गौशालाओं का निरीक्षण पूरा कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी, जिसे मुख्यमंत्री को सौंपा जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर संगठन प्रदर्शन और जन आंदोलन का रास्ता भी अपनाएगा।





