श्रीराम कथा में राम नाम की गूंज, बारिश में भी डटे रहे श्रद्धालु – महाराजगंज में भक्ति का अनुपम दृश्य

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रिपोर्ट: मयालक्ष्मी मिश्रा, रायबरेली, उत्तर प्रदेश | Kadak Times

रायबरेली जनपद के महाराजगंज क्षेत्र में चल रही सप्तदिवसीय श्रीराम कथा का शुभारंभ सोमवार को एक भव्य शोभायात्रा के साथ हुआ। रिमझिम बारिश के बावजूद लोगों की आस्था में कोई कमी नहीं आई। भीगे कपड़े, कीचड़ भरे रास्ते और ठंडी हवाओं के बीच सैकड़ों श्रद्धालु रामकथा स्थल पर पहुंचे और प्रभु श्रीराम के नाम में लीन हो गए।

कथा वाचक द्विवेदी कृष्ण कुमार शास्त्री जी ने सबसे पहले मंगलाचरण करते हुए कथा की शुरुआत की और बताया कि कलयुग में प्रभु के नाम जप का विशेष महत्व है। उन्होंने कहा कि –
“श्रीराम का नाम स्मरण मात्र से मन शुद्ध होता है और जीवन में सुख, शांति और मोक्ष की प्राप्ति संभव है।”

शास्त्री जी ने श्रद्धालुओं को नाम जप की साधना के सरल तरीकों से अवगत कराया और बताया कि यदि व्यक्ति प्रतिदिन “राम” नाम का जाप करता है, तो उसे चारों पुरुषार्थ – अर्थ, धर्म, काम और मोक्ष – की प्राप्ति होती है।

श्रद्धालुओं की आस्था पर नहीं पड़ा मौसम का असर

बारिश के कारण पंडाल में पानी भरने लगा, रास्तों पर फिसलन हो गई, लेकिन फिर भी लोग कथा सुनने से पीछे नहीं हटे। umbrellas, प्लास्टिक शीट और बरसाती कपड़ों में भी लोग कथा स्थल तक पहुंचते रहे। श्रद्धालुओं की यह निष्ठा देख कथावाचक शास्त्री जी ने सभी का आभार व्यक्त किया और उनके परिवारों की सुख-समृद्धि और मंगल की कामना की।

भक्ति और संस्कृति का संगम

कथा स्थल को सुंदर सजावट और भक्ति संगीत से सजाया गया था। ढोल, नगाड़ों और शंखध्वनि के साथ शुरू हुई शोभायात्रा ने पूरे क्षेत्र को राममय कर दिया। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक ने इस यात्रा में बढ़-चढ़कर भाग लिया।

राम कथा के पहले दिन का मुख्य विषय रहा – राम नाम की महिमा और उसकी शक्ति। शास्त्री जी ने कहा,
“जब भी जीवन में संकट आए, बस राम नाम का सहारा लो। यह नाम ही भवसागर से पार लगाने वाला है।”

आने वाले दिनों में सुनाई जाएंगी श्रीराम के जीवन की प्रमुख लीलाएं

आयोजकों के अनुसार अगले 6 दिनों में श्रीराम के जीवन के विभिन्न प्रसंगों – अयोध्या से वनगमन, सीता हरण, हनुमान चरित्र, लंका विजय और राम राज्य की स्थापना – पर आधारित प्रसंग प्रस्तुत किए जाएंगे।


निष्कर्ष:
महाराजगंज की यह कथा न सिर्फ एक धार्मिक आयोजन है, बल्कि यह भक्ति, संस्कृति और सामाजिक एकता का ऐसा मंच बन गया है, जिसने हर वर्ग के लोगों को एक सूत्र में बांध दिया है। श्रीराम कथा के इस शुभ अवसर पर क्षेत्र की जनता का उत्साह, भक्ति और सहभागिता अपने आप में प्रेरणादायक है।


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